पटना में सहकार भारती राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न

स्रोत: सहकार सुगंध          तारीख:14-Mar-2018

 
 
समापन में केंद्रीय कृषि - सहकारिता मंत्री राधा मोहन सिंह जी की उपस्थिति
 
पटना : सहकार भारती राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक का आयोजन पटना स्थित आईसीएम डी.एन. सिंह संस्था में किया गया था। जिसमें आयोजित समापन समारोह में केंद्रीय कृषि तथा सहकारिता मंत्री राधा मोहन सिंह जी ने शिरकत की।
सहकार भारती के महासचिव डा. उदयराव जोशी जी ने अपने प्रास्ताविक में सालभर में संपन्न हुये कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी और आगामी कार्यक्रमों की चर्चा की।
 
राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता जी ने कहा कि बिहार में सहकार भारती को मजबूत बनाने के लिए समारोह के आयोजन के लिए पटना को चुना गया था। उन्होंने आगे कहा कि सहकार भारती के कार्य को गति प्रदान करने के लिए इस बैठक का आयोजन किया। अमीरी-गरीबी में बढनेवाली दूरी खत्म करने के लिए सहकारिता को बढावा देने की जरुरत है। चीनी उद्योग, डेयरी व्यवसाय, क्रेडिट सोसाइटीयों का मॉडेल जरुरी है। सहकारिता के माध्यम से बदलाव लाने के लिए हमें काम करना होगा। आर्थिक पुनर्रचना लानी होगी, प्रकल्प खडे करने होंगे, कार्यक्रमों द्वारा संघटन बढायेंगे, तो सारी समस्याएं खत्म होंगी। इसी पर सहकार भारती को काम करना है।
 
इस अवसर पर बोलते हुए, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह जी ने गरीबी को दूर करने में सहकारी क्षेत्र की भूमिका की सराहना की और कहा कि एनसीडीसी, राज्य के सहकारी आंदोलन को बल देने में सक्रिय है। एनसीडीसी राज्य सहकारी क्षेत्र में विकास के लिए कई योजनाएं तैयार कर रही है, मंत्री ने बातचित में बताया।
 
सिंह ने कई पहलूओं को रेखांकित किया जिसमें चावल मिलों का निर्माण, कीटनाशक उत्पादन और सब्जियों की खेती के लिए महिलाओं के सहकारी समूहों को मजबूत बनाने समेत कई योजनाएं शामिल थीं।
 
तीन दिवसीय कार्यक्रम में कई सत्रों का आयोजन किया गया और हमने राज्य के सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाने पर चर्चा की, ऐसा ज्योतिंद्र मेहता जी ने इस समय कहा।
 
सहकार भारती के संरक्षक सतीश मराठे जी ने कहा, कृषि प्रोसेसिंग, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से जुड़े मुद्दों, क्रेडिट सहकारी समितियों की स्थिति समेत अन्य विषयों पर और सत्र के दौरान यूसीबी के प्रति आरबीआई की नीतियां और शहरी सहकारी बैंकों के लिए अम्ब्रेला संगठन की स्थापना करने पर भी चर्चा हुई। पूर्वोत्तर राज्यों में प्राथमिक दूध सहकारी संगठनों की स्थापना, 100 नए सहकारी दूध प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करना, मत्स्य और बुनकरों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने पर भी बैठक में चर्चा हुई।
 
क्षेत्रीय प्रचारक मा. श्री. रामदत्त चक्रधर जी ने अपने उदबो्धन में कहा कि दुनिया में हमारा राष्ट्र सबसे अच्छा करने के लिए सभी प्रतिकूलता के बावजूद भी हमें निरंतर कार्य करना है। विचार और सिद्धांतो को लेकर आगे बढना है। सफलता के लिए कार्यकर्ताओं की जरुरत है। समाज के पिछडों को आगे लाना यहीं हमारा काम है। यह काम करते समय सिर्फ वेदना नहीं संवेदना की भी आवश्यकता है। ऐसा कहकर उन्होंने सकारात्मक संस्कार का महत्व जताया।
 
राष्ट्रीय संघटन मंत्री संजय जी पाचपोर ने इस समय सभी कार्यकर्ताओं से सहकारिता के विभिन्न क्षेत्र चुनने की आवश्यकता बताकर संस्थागत संपर्क व्यवस्था बनाने की अपील की।
 
इस बैठक में राज्य सहकारिता अधिनियमों के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। समारोह में 200 से अधिक संपूर्ण देश से आए हुए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सहकार भारती बिहार प्रदेश महामंत्री डा. अंकेश मिश्रा जी ने आभार प्रदर्शन किया।